दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के अपने प्रयासों के लिए जानी जाती है। इसी कड़ी में शनिवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने सर्वोदय कन्या विद्यालय में आयोजित मेगा पेरेंट्स-टीचर मीटिंग (पीटीएम) में हिस्सा लिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों से बातचीत की और स्कूल में शिक्षा की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने कक्षाओं का दौरा किया और बच्चों के साथ विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से पूछा कि स्कूल में पढ़ाई कैसी हो रही है और उनके अनुभव क्या हैं।
बच्चों और अभिभावकों से संवाद
मुख्यमंत्री आतिशी ने बच्चों से खुलकर बातचीत की। बच्चों ने उत्साहपूर्वक अपनी काउंटिंग, कविताएँ और अन्य शैक्षणिक उपलब्धियाँ प्रस्तुत कीं। अभिभावकों ने भी बताया कि उनके बच्चे खुशी-खुशी स्कूल आते हैं और पढ़ाई में रुचि दिखाते हैं। कई पेरेंट्स ने यह भी सराहा कि छोटे बच्चे अब धाराप्रवाह अंग्रेज़ी बोलने लगे हैं।
मेगा पीटीएम का महत्व
आतिशी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि दिल्ली सरकार द्वारा शुरू किया गया मेगा पीटीएम अब सरकारी स्कूलों की एक नियमित प्रक्रिया बन चुका है। यह पहल सुनिश्चित करती है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता भी स्कूल में आकर शिक्षकों से मिल सकें और अपने बच्चों की प्रगति के बारे में जान सकें।
उन्होंने यह भी कहा, “अगर सभी राज्य सरकारें शिक्षा को प्राथमिकता दें और इस दिशा में काम करें, तो हमारा देश शिक्षा के क्षेत्र में विश्व स्तर पर आगे बढ़ सकता है।”
शिक्षकों और बच्चों का उत्साह
स्कूल के शिक्षकों ने एनएमएफ न्यूज़ से बातचीत में बताया कि नई शैक्षणिक पहल, जैसे हैप्पीनेस क्लास और देशभक्ति कार्यक्रम, बच्चों को शिक्षा में अधिक रुचि लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। एक शिक्षक ने कहा, “बच्चे अब एक्टिविटी-बेस्ड लर्निंग से अधिक जुड़ाव महसूस करते हैं। यह न केवल बच्चों को बल्कि शिक्षकों को भी उत्साहित करता है।”
सरकारी स्कूलों की नई छवि
बच्चों और अभिभावकों ने सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं की तारीफ की। बच्चों को स्कूल से किताबें, ड्रेस और मिड-डे मील जैसी सुविधाएँ मुफ्त में मिलती हैं। एक चौथी कक्षा की छात्रा ने कहा, “यहाँ हमें प्राइवेट स्कूल जैसी सुविधाएँ मिलती हैं, और हमारे शिक्षक हमें बहुत अच्छे से पढ़ाते हैं।”
निष्कर्ष
दिल्ली सरकार का यह प्रयास सरकारी स्कूलों की छवि को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री आतिशी का बच्चों और अभिभावकों के साथ सीधा संवाद इस बात को दर्शाता है कि सरकार शिक्षा को गंभीरता से ले रही है। यह पहल न केवल बच्चों और अभिभावकों के लिए लाभदायक है, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करती है।